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Volume4,Number7,2025

Article Title : New Article Test

Author Name : Abhishek Singh

Author Type : correspondence

Author Designation : Author

Institute : kbps


Abstract

शिक्षा प्रणाली भविष्य की पीढ़ी को प्रशिक्षित करने और तैयार करने का एक मंच है। शिक्षा के माध्यम से अर्जित ज्ञान और कौशल किसी व्यक्ति को अधिक रोजगार योग्य बनाते हैं। प्राचीन से आधुनिक शिक्षा प्रणाली की ओर संक्रमण के कारण भारतीय शिक्षा प्रणाली अन्य देशों की शिक्षा प्रणालियों की तुलना में अधिक विविध और सराही जाने वाली है। प्राचीन और मध्यकालीन शिक्षा के दौर में शिक्षक अपने विद्यार्थियों को उस समय के जीवन और परिस्थितियों में जीने और सफल होने योग्य बनाते थे। स्वतंत्रता के बाद से भारतीय शिक्षा प्रणाली ने काफी प्रगति की है और सभी क्षेत्रों में शिक्षा व प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, फिर भी यह वैश्विक स्तर पर बाज़ार की आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा करने में सक्षम नहीं हो पाई है। इस अध्याय में मुख्य रूप से प्राचीन और मध्यकालीन काल की भारतीय शिक्षा प्रणाली की शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम, विशेषताएँ, अधिगम रणनीतियाँ और उद्देश्यों पर चर्चा की गई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि ये काल आधुनिक शिक्षा से कैसे भिन्न थे और आधुनिक शिक्षा इनसे क्या सीख सकती है तथा उसे कैसे लागू किया जा सकता है। प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक शिक्षा की खूबियों और कमियों का तुलनात्मक अध्ययन भी इन्हीं कारकों के आधार पर किया गया है। इस अध्याय के माध्यम से विद्यार्थी और शिक्षक शिक्षा प्रणाली में विद्यमान विभिन्नताओं को समझेंगे और यह भी जान पाएंगे कि भविष्य में सभी समस्याओं के समाधान हेतु और क्या परिवर्तन आवश्यक हैं।


Keywords: test,demo


Author Biography

त्रों में शिक्षा व प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, फिर भी यह वैश्विक स्तर पर बाज़ार की आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा करने में सक्षम नहीं हो पाई है। इस अध्याय में मुख्य रूप से प्राचीन और मध्यकालीन काल की भारतीय शिक्षा प्रणाली की शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम, विशेषताएँ, अधिगम रणनीतियाँ और उद्देश्यों पर चर्चा की गई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि ये काल आधुनिक शिक्षा से कैसे भिन्न थे और आधुनिक शिक्षा इनसे क्या सीख सकती है तथा उसे कैसे लागू किया जा सकता है। प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक शिक्षा की खूबियों और कमियों का तुलनात्मक अध्ययन भी इन्हीं कारकों के आधार पर किया गया है। इस अध्याय के माध्यम से विद्यार्थी और शिक्षक शिक्षा प्रणाली में विद्यमान विभिन्नताओं को समझेंगे और यह भी जान पाएंगे कि भविष्य में सभी समस्याओं के समाधान हेतु और क्या परिवर्तन आवश्यक हैं।


References

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DOI URL: www.com

DOI Number: 145

Publish Date 2026-04-02

How to Cite

Issue Volume4,Number7,2025

Section Research Articles

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.

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https://sunshine.satraassociates.in/abhijyot/articles-current.php?issue_id=14&article_id=19

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